Viral Video: हिमाचल: HRTC ड्राइवर ने छत पर बनवाई असली जैसी बस, जुनून बना मिसाल

Fri 09-Jan-2026,01:00 AM IST +05:30

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Viral Video: हिमाचल: HRTC ड्राइवर ने छत पर बनवाई असली जैसी बस, जुनून बना मिसाल HRTC-ड्राइवर-ने-छत-पर-बनवाई-असली-जैसी-बस
  • हिमाचल के चंबा में HRTC ड्राइवर ने अपने जुनून में घर की छत पर असली जैसी बस बनवाई, जो अब लोगों के आकर्षण का केंद्र है।

Maharashtra / Nagpur :

 चंबा/ हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से सामने आई एक अनोखी कहानी इन दिनों लोगों का दिल जीत रही है। यहां एक सरकारी बस चालक ने अपने पेशे के प्रति ऐसा समर्पण दिखाया कि उसने अपने घर की छत पर ही बस का हू-ब-हू मॉडल तैयार करवा दिया। यह पहल न सिर्फ उसके काम के प्रति जुनून को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब नौकरी जुनून बन जाए, तो साधारण इंसान भी असाधारण मिसाल बन जाता है।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की भटियात विधानसभा के सिहुंता क्षेत्र में रहने वाले हिमाचल सड़क परिवहन निगम (HRTC) के चालक श्रीधर इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। वजह है उनके घर की छत पर बनी एक अनोखी ‘बस’, जो देखने में बिल्कुल असली सरकारी बस जैसी लगती है। लकड़ी, लोहे और टीन से बनी यह संरचना इतनी वास्तविक है कि पहली नजर में देखने वाला धोखा खा जाए।

श्रीधर मूल रूप से ककरोटी क्षेत्र के निवासी हैं और वर्षों से HRTC में बतौर ड्राइवर सेवाएं दे रहे हैं। अपने पेशे के प्रति गहरे लगाव और सम्मान को दर्शाने के लिए उन्होंने अपने घर की छत को ही अपनी कल्पना का कैनवास बना दिया। बस के मॉडल में HRTC के पारंपरिक हरे-सफेद रंग, असली जैसी सीटें, स्टीयरिंग, पहिए और यहां तक कि वही रूट नंबर भी लिखा गया है, जिस पर श्रीधर रोज़ाना बस चलाते हैं।

इस अनोखी छत वाली बस ने न सिर्फ उनके परिवार को, बल्कि पूरे इलाके को आकर्षित किया है। स्थानीय लोगों के अलावा दूर-दराज से भी लोग इस अनूठे मॉडल को देखने पहुंच रहे हैं। कई लोग इसे फोटो और वीडियो में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, जिससे यह कहानी तेजी से वायरल हो रही है।

श्रीधर बताते हैं कि यह बस उनके लिए सिर्फ एक मॉडल नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान, जिम्मेदारी और वर्षों की सेवा का प्रतीक है। जब भी उन्हें छुट्टी मिलती है, वे अपना अधिकतर समय इसी बस में बिताते हैं। यहीं बैठकर खाना खाना, सुकून के पल बिताना उन्हें मानसिक शांति देता है और रोजमर्रा की ड्यूटी की याद दिलाता है।

उनका कहना है कि बस चलाना उनके लिए सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे की जिम्मेदारी है। यही भावना उन्हें इस अनोखे प्रयोग तक ले आई। श्रीधर की यह पहल बताती है कि समर्पण और प्रेम अगर सच्चा हो, तो काम भी पूजा बन जाता है। यह कहानी आज के युवाओं और कार्यरत लोगों के लिए एक प्रेरणा है, जो यह सिखाती है कि अपने काम से प्रेम करना ही सच्ची सफलता की कुंजी है।